मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिना वैध मेडिकल डिग्री और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के चिकित्सा प्रैक्टिस करने वाले 10 फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है। बिना लाइसेंस चिकित्सा का अभ्यास करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार ये फर्जी डॉक्टर भांडुप, मानखुर्द, कुर्ला, जोगेश्वरी, बोरीवली और दहिसर सहित विभिन्न इलाकों में क्लीनिक चला रहे थे। उनके क्लीनिकों से एक्सपायर्ड यूनानी और आयुर्वेदिक दवाएं भी बरामद हुईं। आरोप है कि वे मुख्य रूप से यौन रोगों से पीड़ित लोगों का इलाज करते थे और उनसे भारी फीस वसूलते थे।
क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 को इन फर्जी डॉक्टरों के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद कई क्लीनिकों पर छापेमारी की गई। इनमें से अधिकांश क्लीनिक घनी झुग्गी-बस्तियों वाले इलाकों में स्थित थे।
पुलिस के मुताबिक भांडुप स्थित संतोष हेल्थ क्लिनिक को शेख मोहम्मद अनवर मोहम्मद असलम और मोहम्मद नबी हुसैन मोहम्मद फरीद शेख चला रहे थे। भांडुप के विनायक हेल्थ क्लिनिक का संचालन इमरान अब्दुल जब्बार खान कर रहा था। जोगेश्वरी के हमदम अस्पताल से दयाशंकर सिंह और जुनैद सिद्दीकी, जबकि कोहिनूर अस्पताल से शाहबुद्दीन शेख जुड़ा था। इसी तरह बोरिवली के अंकुश आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉ. नावेद खान और डॉ. राशिद बेग, दहिसर के दीपक हर्बल हेल्थकेयर क्लिनिक में राशिद शेख और मानखुर्द के समर्थ आयुर्वेदिक अस्पताल में निहाल शेख के खिलाफ कार्रवाई की गई।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी कोई वैध मेडिकल डिग्री प्रस्तुत नहीं कर सके और न ही वे महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत पाए गए। आरोप है कि वे मरीजों को एलोपैथिक, यूनानी और आयुर्वेदिक दवाएं देते थे तथा खुद को यौन रोग, नाइट फॉल, सिफलिस और अन्य यौन बीमारियों का विशेषज्ञ बताते थे।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ एक्सपायर्ड दवाएं भी मिलीं, जिन्हें जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के स्वास्थ्य अधिकारियों के समन्वय से की गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1961 की धारा 33 और 36 के तहत मामले दर्ज किए हैं। धारा 33 के तहत महाराष्ट्र में किसी भी चिकित्सा पद्धति का अभ्यास करने के लिए व्यक्ति का नाम मान्यता प्राप्त आधिकारिक मेडिकल रजिस्टर में दर्ज होना आवश्यक है। वहीं, धारा 36 के तहत किसी व्यक्ति के नाम के साथ अप्रमाणित या अनधिकृत मेडिकल उपाधि, विवरण, अक्षर या संक्षिप्त नाम का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
